Benefits of Shree Hanuman Chalisa
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श्रीहरि के नाम से आरंभ करते हैं यह पावन दिन, जब श्रावण मास का प्रथम प्रभात शुक्रवार के शुभ योग के साथ प्रारंभ हो रहा है।
| तिथि | 11 जुलाई 2025, शुक्रवार |
| विक्रम संवत | 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081) |
| शक संवत | 1947 |
| मास | श्रावण (उत्तर भारत), आषाढ़ (गुजरात-महाराष्ट्र) |
| पक्ष | कृष्ण |
| तिथि | प्रतिपदा रात्रि 02:08 तक, तत्पश्चात द्वितीया |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा (पूर्ण रात्रि तक) |
| योग | वैधृति रात्रि 08:45 तक, तत्पश्चात विष्कंभ |
| राहुकाल | सुबह 11:04 से दोपहर 12:44 तक |
| सूर्योदय | 06:05 |
| सूर्यास्त | 07:23 |
| दिशाशूल | पश्चिम दिशा में |
शुक्रवार को माता लक्ष्मी की उपासना का दिन माना गया है। आज विशेष विद्यालाभ योग भी है, जो विद्यार्थियों और ज्ञान साधकों के लिए अत्यंत शुभकारी है। साथ ही, श्रावण के पहले दिन का संयोग इस दिन को और भी विशेष बना रहा है।
श्रावण मास शिवभक्ति, संयम और व्रतों का पवित्र महीना है। भगवान शिव ने स्वयं कहा है— “द्वादशस्वपि मासेषु श्रावणो मेऽतिवल्लभ:” अर्थात मासों में श्रावण मुझे अत्यंत प्रिय है।
प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह धन का नाश करता है।
चतुर्मास में तांबे व कांसे के पात्रों का प्रयोग वर्जित है। पलाश की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है। भूमि पर शयन करने से कैलाश लोक की प्राप्ति होती है।
धनलाभ के योग। कार्यों में सफलता।
शिव चालीसा पढ़ें।
मानसिक शांति। पारिवारिक मधुरता।
तेरा पल पल बीत जाए भजन पढ़ें।
नौकरी-व्यवसाय में प्रगति।
बारह ज्योतिर्लिंग भजन पढ़ें।
मन प्रसन्न रहेगा। विवाद समाप्त होंगे।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
सम्मान व सफलता।
भोलेनाथ से निराला भजन पढ़ें।
आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
शिव आरती पढ़ें।
नई शुरुआत का योग। आध्यात्मिक वृद्धि।
शिव अभिषेक करें।
संतान संबंधी सुख। यात्रा का योग।
सावन के भजन पढ़ें।
व्यवसाय में लाभ।
सोमवार का व्रत रखें।
पुराने रोग में राहत।
शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
नई योजना से लाभ।
शिव चालीसा पढ़ें।
प्रेम में सफलता। कार्यसिद्धि।
शिव मंदिर में दीपदान करें।
प्रतिदिन शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, और दूध अर्पित करें।
मासिक सोमवार व्रत करें।
मांसाहार, शराब, बाल कटवाना वर्जित है।
झूठ, क्रोध, और अपशब्दों से बचें।
शिव आरती, बारह ज्योतिर्लिंग भजन पढ़ें।
हाँ, स्कंद पुराण के अनुसार सावन में बाल या नाखून काटना आयु और पुण्य दोनों को घटाता है।
हाँ, मांसाहार का त्याग व्रत और शिवभक्ति का अंग है।
ॐ नमः शिवाय जप, जलाभिषेक, घी दान, अन्न दान करें।
बेलपत्र, दूध, सफेद पुष्प, गंगाजल अर्पित करें।
अकाल मृत्यु से रक्षा और दीर्घायु के लिए शिव व्रत आवश्यक है।
हाँ, स्त्रियाँ भी पूर्ण श्रद्धा से सावन व्रत कर सकती हैं।
श्रावण मास का पहला दिन आत्मिक शुद्धि और शिवभक्ति का अद्भुत अवसर है। शिव कृपा से जीवन में नवशक्ति का संचार हो।
🕉️ ॐ नमः शिवाय
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