sharad purnima
शरद पूर्णिमा:शरद ऋतु में आने वाली पूर्णिमा का काफी महत्व माना गया है। मान्यता के अनुसार माना जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा संपूर्ण...
श्री शिव चालीसा के लाभ / फायदे - आखिर को करना चाहिए शिव चालीसा का पाठ, क्या है इसके फायदे
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
शिव से बड़ा कोई सत्य नही है।भोले स्वभाव होने के कारण भोले भंडारी शिव चालीसा के पाठ से आसानी से मान जाते है।
शिव चालीसा का पाठ करने से डर या भय से छुटकारा मिलता है। प्रतिदिन देवो के देव महादेव की चालीसा का जप करने से व्यक्ति स्वयं के अंदर एक शक्ति व साहस का अनुभव करता है जिसके कारण वह भय मुक्त होता है।
नित्य मन से शिव चालीसा का पाठ करने से इच्छानुसार वर / वधु की प्राप्ति होती है। भगवान भोलेनाथ प्रेम के प्रतीक है पूरे विधिविधान एवँ भक्ति भाव से भोलेनाथ की स्तुति एवँ चालीसा का पाठ करने से विवाह में आ रही समस्त बाधाएं दूर होती है एवँ मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है। शिव चालीसा का पाठ करते हुए भगवान भोलेनाथ को केसर अर्पित करने से शीघ्र विवाह हो जाते है।
शिव चालीसा का पाठ करने से गंभीर बीमार व्यक्ति ठीक हो जाता है। भगवान भोलेनाथ की चालीसा का नित्य पठन करने से व्यक्ति के रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है एवँ वह व्यक्ति निरोगी होता है।
शिव चालीसा का पाठ करने से "चंद्र दोष" का प्रभाव कम होता है। भगवान भोलेनाथ के मस्तक पर चंद्र देव विराजमान रहते है । भगवान भोलेनाथ के दूध अर्पित करते हुए शिव चालीसा का पाठ करने से चंद्र दोष का निवारण होता है।
भगवान भोलेनाथ के अक्षत अर्पण करते हुए शिव चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के व्यापार में वृद्धि होती है एवँ धन का आगमन होता है।
जो व्यक्ति नित्य पूरे भक्ति भाव से नित्य शिव चालीसा या शिव स्तुति करता है वह व्यक्ति अपने नोकरी स्थान पर एक अच्छी छवि के साथ ,पूर्ण सम्मान के साथ कार्य करता है । उनका पूर्ण कार्यकाल मान- सम्मान को बढ़ाने वाला होता है।
जो व्यक्ति भगवान भोलेनाथ की सरसो के तेल अर्पित करते हुए शिव चालीसा का पाठ करता है उसके शत्रु परास्त हो जाते है, एवँ उस जातक को शत्रुओं से छुटकारा मिल जाता है।
अगर किसी व्यक्ति के दाम्पत्य जीवन मे अनबन चल रही है तो उस व्यक्ति को नित्य भोलेनाथ एवँ माँ पार्वती की पूजा करने के बाद घी का दीपक लगाकर शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए। जिससे दाम्पत्य जीवन मे समस्त समस्या समाप्त होने लगती है।
गर्भवती स्त्रियों के बच्चों के अच्छे स्वास्थ हेतु शिव चालीसा का पाठ नित्य करना चाहिए। नित्य शिव चालीसा का पाठ करने से "अभीष्ट कार्य" पूर्ण होते है जो कार्य करने में बहुत परेशानी हो रही हो उसके लिए नित्य सफेद आसन पर बैठकर शिव चालीसा का पाठ कर सफेद मिठाई का प्रसाद चढ़ावे एवँ चंद्रमा से भगवान शिव को सुशोभित करे, आपकी मनोकामना जरूर पूर्ण होगी।
शरद पूर्णिमा:शरद ऋतु में आने वाली पूर्णिमा का काफी महत्व माना गया है। मान्यता के अनुसार माना जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा संपूर्ण...
माँ सिद्धिदात्री की पूजा विधि, बीज मंत्र, ध्यान, स्तोत्र, कवच और प्रिय भोग जानिए। नवरात्रि के नौवें दिन माता की पूजा का महत्व पढ़ें।
मथुरा नगरी से लगभग 26 किलोमीटर दूर गोवर्धन परिक्रमा में राधा कुंड नाम एक स्थान आता है जो कि परिक्रमा का प्रमुख पड़वा है......
जानिए नवग्रह बीज मंत्र, जीवन की सब परशानियो का उपाय,नवग्रह बीज मंत्र लिस्ट, जीवन में बनी रहेगी यश, समृद्धि, धन, पारिवारिक सुख और मानसिक शांति।
श्री राव भाव सिंह मंदिर: बूंदी जिले की चारों तहसील मुख्यालयों पर पूजे जाने वाले राव भाव सिंह जी महाराज अत्यंत न्याय प्रिय , दयालु व भक्त प्रकृति के शासक थे..
माँ शैलपुत्री पूजन विधि, बीज मंत्र ,पाठ,कवच एवं भोग: पहले दिन माँ दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा होती है। पर्वतराज हिमालय के यहाँ पुत्री रूप में
दशहरा 2026 कब है? जानिए विजयादशमी की तारीख, शुभ मुहूर्त, दशहरा पूजा विधि, शमी पूजा, अपराजिता पूजन और रावण दहन का महत्व। जानें दशहरा क्यों मनाया जाता है और विजयादशमी से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं।
shri ram chalisa path ke fayede,राम चालीसा का पाठ नित्य प्रतिदिन करना बहुत लाभ दायक होता जानिए श्री राम चालीसा पढ़ने से कैसे बढ़ता है मान सम्मान..
गोवर्धन पूजा एवँ महत्व: गोवेर्धन पर एक छोटा विचार गो+वर्धन = गोवर्धन हम अपने जीवन से, गौ को नहीं हटा सकते। हमारी ऐसी परंपराएं है जो ऐसा होने..
जनेऊ में तीन धागे होते है, यह तीनों धागे आदमी के तीन ऋण का प्रतीक होते हैं भारतीय संस्कृति में जनेऊ का अतिमहत्वपूर्ण स्थान है जनेऊ को उपवीत, यज्ञसूत्र, व्रतबन्ध...
क्या भगवान को पाने के लिए लाखों बार नाम जप करना जरूरी है? प्रेमानंद महाराज के प्रवचन से जानिए नाम जप की सही संख्या, सच्ची भक्ति का रहस्य और भगवान को पाने का प्रेमपूर्ण मार्ग। राधे-राधे!
सभी ग्रहों के बीज मंत्र एवं गृह शांति के उपाय,बीज मंत्र द्वारा ग्रह शांति, ज्यादा जानकारी के लिए पढ़े...
पितृ पक्ष 2026 में भूलकर भी न करें ये 5 काम। जानिए श्राद्ध पक्ष में क्या नहीं करना चाहिए, कौन से काम वर्जित हैं और पितरों की कृपा के लिए किन बातों का ध्यान रखें।
पढ़िए नाग स्तोत्र पढ़ने के 5 लाभ मिलगा काल सर्पदोष और पितृदोष से छुटकारा,होने लगेगी धन की प्राप्ति
बछ बारस का पर्व एवं महत्व,एक माँ अपने पुत्र के उज्ज्वल भविष्य की उन्नति एवँ लंबी स्वस्थ आयु की कामना के लिए इस व्रत को करती है
रामायण की 10 चौपाई जो बदल सकती है आपका जीवन और हो सकता है आपकी सभी समस्याओं का निवारण
Get daily राशिफल, ज्योतिष टिप्स, मानसिक शांति मंत्र, और आध्यात्मिक अपडेट्स — सीधे आपके मोबाइल पर!
🟢 Join Now 📲 Stay connected with 1000+ spiritual seekers