हनुमान चालीसा को सिद्ध कैसे करे | Hanuman chalisa sidhi
×
Home Jyotish Consultation Rate Us On Google Play Share Our App
Jai Bhole

हनुमान चालीसा को सिद्ध कैसे करे | Hanuman chalisa sidhi

कैसे पाये हनुमान जी का आशीर्वाद, कैसे करें हनुमान चालीसा की सिद्धि,केसे करे श्री हनुमान जी को प्रसन्न, जीवन के कष्टों को दूर करे श्री हनुमान चालीसा के द्वारा

हनुमान चालीसा को सिद्ध कैसे करे



हनुमान चालीसा को सिद्ध कैसे करे

शास्त्रों के अनुसार कलयुग में हनुमानजी की भक्ति को सबसे ज़रूरी, प्रथम और उत्तम बताया गया है। हनुमानजी की भक्ति सबसे सरल और जल्द ही फल प्रदान करने वाली मानी गई है। यह भक्ति जहाँ हमें भूत-प्रेत जैसी न दिखने वाली आपदाओं से बचाती है, वहीं यह ग्रह-नक्षत्रों के बुरे प्रभाव से भी बचाती है। हनुमानजी को मनाने के लिए और उनकी कृपा पाने के लिए सबसे सरल उपाय है हनुमान चालीसा का नित्य पाठ।

यह साधना साधक श्रीराम नवमी, हनुमान जयन्ती अथवा किसी भी मंगलवार की रात्रि को शुरु कर सकता है तथा समय १० बजे के बाद का रहेगा। सर्वप्रथम साधक स्नान आदि से निवृत्त होकर लाल या भगवे वस्त्र धारण करके लाल आसन पर बैठ जाए। सकाम और निष्काम दोनों ही कार्यों में दिशा उत्तर ही रहेगी।

साधक अपने समीप ही किसी पात्र में 108 भुने हुए चने या 108 तिल की रेवड़ियाँ रख ले। अब साधक अपने सामने किसी बाजोट पर लाल वस्त्र बिछा कर उस पर हनुमानजी का चित्र या यन्त्र या विग्रह और साथ ही भगवान गणपतिजी का विग्रह या प्रतीक रूप में एक सुपारी स्थापित करे। उसके बाद दीपक और धूप-अगरबत्ती जलाए।

ये भी पड़े: हनुमान जी की आठ सिद्धियां नौ निधियां क्या है।

फिर साधक भगवान गणपतिजी का सामान्य पूजन करे और ॐ वक्रतुण्डाय हुम् मन्त्र का एक माला जाप करे। तत्पश्चात साधक भगवान गणपतिजी से साधना की निर्विघ्न पूर्णता एवं सफलता के लिए प्रार्थना करे। फिर साधक सामान्य गुरु पूजन करे एवँ गुरु की आज्ञा ले एवँ सफलता के लिए पार्थना करे।

इसके बाद साधक भगवान हनुमानजी का सामान्य पूजन करे। उन्हें सिन्दूर से तिलक करे और फिर धूप-दीप अर्पित करे। साधक को भोग में गुड़ तथा उबले हुए चने अर्पित करने चाहिए। साथ ही कोई भी फल अर्पित किया जा सकता है। साधक दीपक तेल या घी का लगा सकता है। साधक को आक के पुष्प या लाल रंग के पुष्प समर्पित करना चाहिए।

इस क्रिया के बाद साधक "हं" बीज मंत्र का उच्चारण कुछ देर करे तथा उसके बाद अनुलोम-विलोम प्राणायाम करे। प्राणायाम के बाद साधक हाथ में जल लेकर संकल्प करे तथा अपनी मनोकामना बोले। अगर कोई विशेष इच्छा के लिए साधना की जा रही हो तो साधक को संकल्प लेना चाहिए कि मैं अमुक नाम का साधक अमुक गोत्र अमुक गुरु का शिष्य होकर यह साधना अमुक कार्य के लिए कर रहा हूँ। भगवान हनुमान मुझे इस हेतु सफलता के लिए शक्ति तथा आशीर्वाद प्रदान करे।

इसके बाद साधक राम रक्षा स्तोत्र का एक पाठ या "रां रामाय नमः" का यथासम्भव जाप करे। जाप के बाद साधक अपनी तीनों नाड़ियों अर्थात इडा, पिंगला तथा सुषुम्ना में श्री हनुमानजी को स्थापित मान कर उनका ध्यान करे

ॐ अतुलित बलधामं हेमशैलाभ देहं,
दनुजवन कृशानुं ज्ञानिनां अग्रगण्यं।
सकल गुणनिधानं वानराणामधीशं,
रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि।।

अब जो 108 भुने हुए चने या तिल की रेवड़ियाँ आपने ली थी, वे अपने सामने एक कटोरी में रख लें तथा हनुमान चालीसा का जाप शुरू कर दे। इस साधना में आपको श्रीहनुमान चालीसा के 108 पाठ करने हैं। आप हनुमान चालीसा पढ़ते जाएं और हर एक बार पाठ पूर्ण होने के बाद एक चना या रेवड़ी हनुमानजी के यन्त्र/चित्र/विग्रह को समर्पित करते जाएं। इस प्रकार 108 बार पाठ करने पर 108 चने या रेवड़ियाँ समर्पित करनी चाहिए।

108 पाठ पूरे होने के बाद साधक पुनः "हं" बीज मंत्र का थोड़ी देर उच्चारण करे तथा जाप को हनुमानजी के चरणों में समर्पित कर दे। यह साधना 21 दिनों की है। साधक या तो लगातार 21 दिनों तक प्रतिदिन यह साधना करे या हर मंगलवार को कुल 21 मंगलवार तक यह साधना करे। 21 वें दिन आपके द्वारा पूरे 108 पाठ करके चने या तिल की रेवड़ी जब चढ़ा दी जाए, तब उसके बाद साधना पूर्ण होने पर अन्तिम दिन मन्दिर जाएं और भगवान हनुमानजी के दर्शन करे। साथ ही साथ साधना के दौरान भी आप हनुमत दर्शन करते रहें।

साधक-साधिकाओं को यह साधना शुरू करने से एक दिन पूर्व से लेकर साधना समाप्त होने के एक दिन बाद तक कुल २३ दिन तक ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य है। लेकिन साधना २१ मंगलवार तक करने की स्थिति में प्रयोग के एक दिन पूर्व, प्रयोग के दिन तथा प्रयोग के दूसरे दिन अर्थात कुल तीन दिन प्रति सप्ताह ब्रह्मचर्य पालन करना आवश्यक है। कुछ भी हो, कैसा भी संकट आए, आपने साधना शुरू कर दी तो छोड़ना नहीं। प्रभु आपकी परीक्षा भी ले सकते हैं। साधना से विचलित करेंगे ही, पर आप दृढ़ रहें, क्योंकि भक्ति में अटूट शक्ति है और एक बार आपने यह साधना कर ली तो जो आनन्द और जीवन में उत्साह का प्रवाह होगा - उसका वर्णन मैं अपनी तुच्छ बुद्धि से नहीं कर सकता। फिर भी इतना कह सकता हूँ कि इस साधना से निश्चित ही आप की अभिलाषा की पूर्ति होगी। क्योंकि तुलसीदास जी ने कहा है ना - कवन सो काज कठिन जग माही, जो नही होहि तात तुम पाहि।

ये भी पड़े: श्री हनुमान चालीसा के लाभ/ फायदे

साधना का क्रम यही रहेगा, २१ दिन या २१ मंगलवार तक तथा प्रतिदिन जो १०८ चने या तिल की रेवड़ी आप ने प्रभु को अर्पण किए थे, वो आप ही को खाना है, किसी को देना नही है। आपकी यह श्री हनुमान चालीसा साधना सफल हों और आपको भगवान हनुमानजी का आशीर्वाद प्राप्त हों ।

नोट :- इस साधना के समय ब्रह्मचर्य का नियमानुसार पालन करे। सात्विक भोजन करे। झूठ न बोले । किसी को धोखा न दे।

Total Mala Count (माला गिनती) : 0
🗨️
Chatbot
Hello! How can I help you today?
📘 Must Read
Articles for you
Guru Purnima
👁️ 9,910

Guru Purnima

·

What is guru purnima, Why we celebrate guru purnima, गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः

Janmashtami 2023 date | श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2023 पूजन विधि एवं मुहूर्त
👁️ 5,449

Janmashtami Puja Vidhi Muhurat Samagri

·

Krishna Janmashtami 2023 Vrat Puja Vidhi, Samagri, pujan timing in Hindi,जाने कैसे खुश करे श्री कृष्णा को...

seven chakras of body
👁️ 7,423

seven chakras of body

·

सात चक्र जो प्रत्येक व्यक्ति में है मौजूद उन्हें कैसे करे जाग्रत: प्रत्येक व्यक्ति के शरीर मे सात चक्र विधमान होते है जिसे हम कुंडलिनी भी कहते है। सात चक्रों....

Benefits of Shree Shiva Chalisa
👁️ 6,560

Benefits of Shree Shiva Chalisa

·

श्री शिव चालीसा के लाभ / फायदे - आखिर को करना चाहिए शिव चालीसा का पाठ, क्या है इसके फायदे

Yam Puja Vidhi on Dhanteras in Hindi
👁️ 9,706

dhanteras yam pujan

·

धनतेरस यम पूजा: धनतेरस के दिन यमदेव की पूजा की जाती है। माना जाता है की इस दिन यमदेव का पूजन करने से यमदेव हमें अकालमृत्यु का भय दूर करते है..

Kartik Purnima | कार्तिक पूर्णिमा पूजन विधि एवँ महत्व
👁️ 9,440

kartik purnima pujan vidhi and muhurta

·

कार्तिक पूर्णिमा पूजन विधि एवँ महत्व:हिंदू वर्ष कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक मास में एक पूर्णिमा तिथि आती है। इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त नवम्बर 30 2020 सोमवार...

how to worship maa chandraghanta on navratri day 3 puja vidhi and beej mantra
👁️ 5,252

how to worship maa chandraghanta on navratri day 3 puja vidhi and beej mantra

·
navratri + puja vidhi +

माँ चंद्रघंटा पूजन,बीज मंत्र,पाठ,कवच एवं भोग: माँ दुर्गा की तृतीय शक्ति का नाम चंद्रघंटा है नवरात्रि विग्रह के तीसरे दिन इन का पूजन किया जाता..

घटस्थापना में जौ क्यों बोए जाते हैं? जानिए इस प्राचीन परंपरा का धार्मिक महत्व
👁️ 0

ghatasthapana me jau kyun boye jate hain

·
navratri + puja vidhi +

घटस्थापना में जौ क्यों बोए जाते हैं? जानिए नवरात्रि में जौ का धार्मिक महत्व, अंकुरों से जुड़ी मान्यताएं, जौ बोने की विधि और इस प्राचीन परंपरा का संदेश।

Nag Stotra ke 5 labh | काल सर्प दोष एवं पितृ दोष से मिलेगा छुटकारा
👁️ 9,526

nag stotra ke labh

·

पढ़िए नाग स्तोत्र पढ़ने के 5 लाभ मिलगा काल सर्पदोष और पितृदोष से छुटकारा,होने लगेगी धन की प्राप्ति

Makar Sankranti 2023 | मकर संक्राति पर कैसे करे पूजन, क्या करे दान, मकर सक्रांति का महत्व
👁️ 6,261

Makar Sankranti

·

जानिए मकर संक्राति पर कैसे करे पूजन, क्या करे दान एवं जानिए मकर सक्रांति पर स्नान एवं दान का महत्व

सूर्य नमस्कार के 12 मंत्र कौन से हैं? जानें surya namaskar की पूरी विधि
👁️ 0

surya namaskar

·
surya namaskar +

सूर्य नमस्कार: 12 मंत्र, विधि, सूर्य प्रणाम और महत्व जानें। सूर्य के 12 नामों के साथ सूर्य नमस्कार करने की पारंपरिक विधि, सूर्य प्रणाम मंत्र, अर्घ्य और धार्मिक महत्व पढ़ें।

Ganesh Chaturthi Chandra Dosh and its remedies
👁️ 9,909

Ganesh Chaturthi Chandra Dosh and its remedies

·

क्यों नही देखते गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा, यदि भूल से गणेश चतुर्थी के दिन चन्द्रमा के दर्शन हो जाएं तो मिथ्या दोष से बचाव के लिए निम्नलिखित मंत्र का जाप करना चाहिए तथा दी गई कथा का श्रवण करना...

ramayan chaupai
👁️ 7,092

ramayan chaupai

·

रामायण की 10 चौपाई जो बदल सकती है आपका जीवन और हो सकता है आपकी सभी समस्याओं का निवारण

Sharad Purnima - शरद पूर्णिमा की मान्यता,पूजन विधि
👁️ 7,172

sharad purnima

·

शरद पूर्णिमा:शरद ऋतु में आने वाली पूर्णिमा का काफी महत्व माना गया है। मान्यता के अनुसार माना जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा संपूर्ण...

हनुमान जी का विवाह क्यों और किससे हुआ था? जानिए पूरा रहस्य
👁️ 8,667

hanuman ji ke vivah ki kahani

·
Hanuman + story + katha +

हनुमान जी के विवाह का रहस्य जानिए हनुमान जी का विवाह क्यों हुआ, उनकी पत्नी कौन थीं, उनके पुत्र का उल्लेख कहां मिलता है और पराशर संहिता क्या बताती है।

नवरात्रि पूजन विधि 2026 | सामग्री लिस्ट व मंत्र हिंदी में – Jai Bhole
👁️ 5,480

navratri pujan vidhi

·
navratri + puja vidhi +

नवरात्रि 2026 में घर पर पूजा कैसे करें? जानें पूजन विधि, सामग्री लिस्ट और मंत्र हिंदी में – आसान भाषा में सम्पूर्ण जानकारी।

🌟 Join JaiBhole Community on WhatsApp

Get daily राशिफल, ज्योतिष टिप्स, मानसिक शांति मंत्र, और आध्यात्मिक अपडेट्स — सीधे आपके मोबाइल पर!

🟢 Join Now 📲 Stay connected with 1000+ spiritual seekers

🔎 Explore More

Want to read more powerful mantras and remedies?

📚 Visit Reading Section