आज का राशिफल 09 जुलाई 2025 का राशिफल और पंचांग: जानिए तिथि, योग, चंद्रमा की स्थिति और 12 राशियों का फल।
आज का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा और भावनात्मक संतुलन से भरपूर है। आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी तिथि और पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर, यह दिन चिंतन, साधना और संयम के लिए अत्यंत शुभ है। आज चंद्रमा का प्रभाव और ब्रह्म योग का संयोग विशेष फलदायी माना गया है।
| दिनांक | 09 जुलाई 2025, बुधवार |
| तिथि | आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी (10 जुलाई रात्रि 01:36 तक), तत्पश्चात पूर्णिमा |
| नक्षत्र | मूल (10 जुलाई प्रातः 04:50 तक), तत्पश्चात पूर्वाषाढ़ा |
| योग | ब्रह्म (10:09 AM तक), तत्पश्चात इन्द्र |
| राहुकाल | दोपहर 12:44 से 02:24 तक |
| सूर्योदय | प्रातः 06:04 बजे |
| सूर्यास्त | सायं 07:23 बजे |
| दिशाशूल | उत्तर दिशा में |
| व्रत नियम | चतुर्दशी व पूर्णिमा पर तिल का तेल खाना, लगाना और स्त्री-सहवास वर्जित (ब्रह्मवैवर्त पुराण) |
आज चंद्रमा धनु राशि में स्थित है और मूल नक्षत्र में भ्रमण कर रहा है। ब्रह्म योग सुबह 10:09 बजे तक रहेगा, जिसके बाद इन्द्र योग प्रारंभ होगा। ब्रह्म योग आध्यात्मिक विकास और चिंतन के लिए श्रेष्ठ माना गया है, जबकि इन्द्र योग रचनात्मकता और प्रभावशाली अभिव्यक्ति को प्रबल करता है। चंद्रमा के प्रभाव से भावनाओं में गहराई रहेगी और किसी महत्वपूर्ण निर्णय में अंतर्ज्ञान काम करेगा।
आज आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। साहसी निर्णयों में सफलता मिल सकती है। हनुमान चालीसा का पाठ आपके लिए लाभकारी रहेगा।
ध्यान और धैर्य से काम लें। आज कोई पूर्व योजना साकार हो सकती है। श्री राम चालीसा का पाठ मानसिक शांति देगा।
कार्यस्थल पर संचार कुशलता से सफलता मिलेगी। सामाजिक व्यवहार संतुलित रखें।
घर-परिवार से जुड़े मामलों में सुखद समय बितेगा। किसी पुराने मित्र से भेंट संभव है।
आज का दिन भीतर की यात्रा का है। ध्यान और मौन से समाधान मिलेगा। राधा स्तुति का पाठ हृदय को शांति देगा।
आपके प्रयासों को सम्मान मिलेगा। यात्रा या साक्षात्कार का योग बन सकता है।
आज का दिन भावनात्मक तालमेल और प्रेम के लिए अनुकूल है। वैवाहिक जीवन में निकटता बढ़ेगी।
चंद्रमा का प्रभाव आपको भीतर से मजबूत करेगा। परिस्थितियाँ आपको आजमाएंगी लेकिन सफलता आपके साथ है।
कोई पुराना कार्य पूर्ण हो सकता है। लक्ष्यों के प्रति समर्पण बना रहेगा।
प्रशंसा प्राप्त होगी। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। ध्यान रहे कि अति आत्मविश्वास से बचें।
किसी नई योजना पर कार्य शुरू हो सकता है। निर्णय लेते समय धैर्य रखें।
ध्यान, मंत्र जाप और सेवा कार्यों में रुचि बढ़ेगी। दिन संतोषप्रद रहेगा।
आज ब्रह्म योग और चतुर्दशी के संयोजन में पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करना अत्यंत शुभ होगा। घर में तांबे के पात्र में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य दें। तिल का तेल खाने और लगाने से बचें। रात्रि में श्रीहरि का स्मरण करें।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, चतुर्दशी एवं पूर्णिमा को स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल लगाना वर्जित है।
प्रातः 10:09 बजे तक ब्रह्म योग रहेगा, तत्पश्चात इन्द्र योग का प्रभाव रहेगा।
मेष: हनुमान, वृषभ: राम, सिंह: राधा स्तुति – इनका पाठ लाभकारी रहेगा।
उत्तर दिशा में यात्रा टालना शुभ रहेगा क्योंकि दिशाशूल उत्तर में है।
नहीं, राहुकाल (12:44 PM से 2:24 PM) में शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
आज का दिन ज्योतिषीय रूप से विशेष ऊर्जा से युक्त है। चतुर्दशी, ब्रह्म योग और मूल नक्षत्र का मेल मानसिक, आध्यात्मिक और पारिवारिक क्षेत्रों में शुभता लेकर आ सकता है। संयम, साधना और सही निर्णयों से दिन को सफल बनाया जा सकता है।