Janmashtami Puja Vidhi Muhurat Samagri
Krishna Janmashtami 2023 Vrat Puja Vidhi, Samagri, pujan timing in Hindi,जाने कैसे खुश करे श्री कृष्णा को...
मथुरा नगरी से लगभग 26 किलोमीटर दूर गोवर्धन परिक्रमा में राधा कुंड नाम एक स्थान आता है जो कि परिक्रमा का प्रमुख पड़वा है......
मथुरा नगरी से लगभग 26 किलोमीटर दूर गोवर्धन परिक्रमा में राधा कुंड नाम एक स्थान आता है जो कि परिक्रमा का प्रमुख पड़वा है। आओ जानते हैं इस स्थान के बारे में महत्वपूर्ण 6 जानकारी।
1.पौराणिक मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण गोवर्धन में गौचारण करते थे। इसी दौरान अरिष्टासुर ने गाय के बछड़े का रूप धरके श्रीकृष्ण पर हमला करना चाहा लेकिन श्रीकृष्ण ने उसका वध कर दिया। राधा कुंड क्षेत्र श्रीकृष्ण से पूर्व राक्षस अरिष्टासुर की नगरी अरीध वन थी। अरिष्टासुर से ब्रजवासी खासे तंग आ चुके थे। इस कारण श्रीकृष्ण ने उसका वध कर दिया था।
2.वध करने के बाद राधाजी ने बताया कि आपने गौवंश के रूप में उसका वध किया है अत: आपको गौवंश हत्या का पाप लगेगा। यह सुनकर श्रीकृष्ण ने अपनी बांसुरी से एक कुंड खोदा और उसमें स्नान किया। इस पर राधाजी ने भी बगल में अपने कंगन से एक दूसरा कुंड खोदा और उसमें स्नान किया। श्रीकृष्ण के खोदे गए कुंड को श्याम कुंड और राधाजी के कुंड को राधा कुंड कहते हैं।
3.ब्रह्म पुराण व गर्ग संहिता के गिर्राज खंड के अनुसार महारास के बाद श्रीकृष्ण ने राधाजी की इच्छानुसार उन्हें वरदान दिया था कि जो भी दंपत्ति राधा कुंड में इस विशेष दिन स्नान करेगा उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी।
4.श्रीकृष्ण और राधा ने स्नान करने के बाद महारास रचाया था। ऐसा माना जाता है कि आज भी कार्तिक मास के पुष्य नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण रात्रि बारह बजे तक राधाजी के साथ राधाकुंड में अष्ट सखियों संग महारास करते हैं।
5.उपरोक्त पौराणिक कथा के आधार पर कार्तिक मास की अष्टमी जिसे अहोई अष्टमी भी कहते हैं इस दिन राधा कुंड में हजारों दंपति स्नान कर पुत्र रत्न प्राप्ति की कामना करते हैं। राधा कुंड में स्नान करने हेतु देश से ही नहीं अपितु विदेश भी श्रद्धालु आते हैं।
6.मान्यता है कि सप्तमी की रात्रि को पुष्य नक्षत्र में रात्रि 12 बजे राधा कुंड में स्नान करते हैं। इसके बाद सुहागिनें अपने केश खोलकर राधा की भक्ति कर आशीर्वाद प्राप्त कर पुत्र रत्न प्राप्ति की प्रार्थना करती हैं। कार्तिक मास की अष्टमी को वे पति-पत्नी जिन्हें पुत्र प्राप्ति नहीं हुई है, निर्जला व्रत रखते हैं।
Krishna Janmashtami 2023 Vrat Puja Vidhi, Samagri, pujan timing in Hindi,जाने कैसे खुश करे श्री कृष्णा को...
नवग्रह पूजन विधि,नवग्रह को आप निम्न पौधे लगाकर भी अनुकूल कर सकते है, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सौरमंडल में 9 ग्रह स्थित होते है
जानिए रुद्राक्ष पहनने से कैसे होते है रोग दूर रुद्राक्ष पहनने से विवाह की बाधा होगी दूर और घर में बानी रहेगी शांति..
शरद पूर्णिमा:शरद ऋतु में आने वाली पूर्णिमा का काफी महत्व माना गया है। मान्यता के अनुसार माना जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा संपूर्ण...
आप निम्न उपायों से पता लगा सकते है कि आप पर कोनसी शक्ति की कृपा है,कौन सी ईश्वरीय शक्ति मदद कर रही है आपकी...
धनतेरस पूजन विधि,Dhanteras Shubh Muhurat,Significance, Date And Time
क्यो किया भगवान श्री कृष्ण ने अपने मामा का वध: भगवान कृष्ण के अनेकों रूप में एक रूप वो भी है जिसमें उन्होंने अपने मामा कंस का वध कर के लोगों.....
पितृ पक्ष में हनुमान चालीसा पढ़ने के फायदे, सही समय और विधि जानें। क्या हनुमान चालीसा से पितृ दोष दूर होता है? जानें धार्मिक मान्यता और पितरों की शांति के उपाय।
सभी प्रकार के चौघड़िया दोहा एवं चर,रोग,उद्वेग, शुभ मुहूर्त, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अभिजीत मुहूर्त
जानिए हनुमान चालीसा पढ़ने से क्या होता है, 3, 7, 21 बार पाठ के चमत्कारी फायदे और मानसिक, शारीरिक, ग्रह दोषों पर असर।
हनुमान जी के विवाह का रहस्य जानिए हनुमान जी का विवाह क्यों हुआ, उनकी पत्नी कौन थीं, उनके पुत्र का उल्लेख कहां मिलता है और पराशर संहिता क्या बताती है।
vishnu chalisa benefits in hindi, Vishnu Chalisa पढ़ने से व्यक्ति के जीवन में धन, बल, यश की प्राप्ति होती है..
Tulsi Vivah: हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का बेहद महत्व बताया गया है। कहा जाता है यह वही दिन है जिस दिन भगवान विष्णु और सभी देवता....
क्या पितृ दोष के कारण नौकरी, धन और करियर में रुकावट आ रही है? जानें पितृ दोष के ज्योतिषीय संकेत, कुंडली में पहचान और पितृ पक्ष में किए जाने वाले पारंपरिक उपाय।
घर बैठे-बैठे सुख समृद्धि पाने के लिए क्या करे,8 important tips for prosperity and growth at home, प्रतिदिन घर पर ही साधारण कार्य करके घर - परिवार में खुशियां बटोर सकते है
महर्षि श्रंग ऋषि परम पिता ब्रहमा के मानस पुत्र महर्षि कश्यप थे उनके पुत्र महर्षि विभाण्डक थे वे उच्च कोटि के सिद्ध सन्त थे।
Get daily राशिफल, ज्योतिष टिप्स, मानसिक शांति मंत्र, और आध्यात्मिक अपडेट्स — सीधे आपके मोबाइल पर!
🟢 Join Now 📲 Stay connected with 1000+ spiritual seekers