नवरात्रि के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की पूजा क्यों होती है? जानें पूजा विधि, मंत्र और भोग
×
Home Jyotish Consultation Rate Us On Google Play Share Our App
Jai Bhole

नवरात्रि के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की पूजा क्यों होती है? जानें पूजा विधि, मंत्र और भोग

नवरात्रि के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की पूजा का महत्व जानें। पढ़ें माँ के मंत्र, ध्यान, स्तोत्र, कवच, बीज मंत्र और केले के भोग से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं।

how to worship maa skandmata on navratri day 5 puja vidhi and beej mantra

माँ स्कंदमाता पूजन विधि, बीज मंत्र ,पाठ,कवच एवं भोग

दुर्गा के पांचवें स्वरूप को स्कन्दमाता(skandamata) के रूप में जाना जाता है। इन्हें स्कन्द कुमार कार्तिकेय नाम से भी जाना जाता है। यह प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार शौर शक्तिधर बताकर इनका वर्णन किया गया है। इनका वाहन मयूर है अतः इन्हें मयूरवाहन के नाम से भी जाना जाता है। इन्हीं भगवान स्कन्द की माता होने के कारण दुर्गा के इस पांचवें स्वरूप को स्कन्दमाता कहा जाता है।

इनकी पूजा नवरात्रि में पांचवें दिन की जाती है। इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में होता है। इनके विग्रह में स्कन्द जी बालरूप में माता की गोद में बैठे हैं। स्कन्द मातृस्वरूपिणी देवी की चार भुजायें हैं, ये दाहिनी ऊपरी भुजा में भगवान स्कन्द को गोद में पकड़े हैं और दाहिनी निचली भुजा जो ऊपर को उठी है, उसमें कमल पकड़ा हुआ है। माँ का वर्ण पूर्णतः शुभ्र है और कमल के पुष्प पर विराजित रहती हैं। इसी से इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। इनका वाहन भी सिंह है।

माँ स्कंदमाता की पूजा करने के लिए मंत्र, स्तोत्र, कवच, बीज मंत्र और भोग आदि की जानकारी नीचे दी गई है।

माँ स्कंदमाता पूजा मंत्र

सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया ।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ।।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

माँ स्कंदमाता ध्यान मंत्र

वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा स्कन्दमाता यशस्वनीम्।।

धवलवर्णा विशुध्द चक्रस्थितों पंचम दुर्गा त्रिनेत्रम्।
अभय पद्म युग्म करां दक्षिण उरू पुत्रधराम् भजेम्॥

पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानांलकार भूषिताम्।
मंजीर, हार, केयूर, किंकिणि रत्नकुण्डल धारिणीम्॥

प्रफुल्ल वंदना पल्ल्वांधरा कांत कपोला पीन पयोधराम्।
कमनीया लावण्या चारू त्रिवली नितम्बनीम्॥

माँ स्कंदमाता स्तोत्र पाठ

नमामि स्कन्दमाता स्कन्दधारिणीम्।
समग्रतत्वसागररमपारपार गहराम्॥

शिवाप्रभा समुज्वलां स्फुच्छशागशेखराम्।
ललाटरत्नभास्करां जगत्प्रीन्तिभास्कराम्॥

महेन्द्रकश्यपार्चिता सनंतकुमाररसस्तुताम्।
सुरासुरेन्द्रवन्दिता यथार्थनिर्मलादभुताम्॥

अतर्क्यरोचिरूविजां विकार दोषवर्जिताम्।
मुमुक्षुभिर्विचिन्तता विशेषतत्वमुचिताम्॥

नानालंकार भूषितां मृगेन्द्रवाहनाग्रजाम्।
सुशुध्दतत्वतोषणां त्रिवेन्दमारभुषताम्॥

सुधार्मिकौपकारिणी सुरेन्द्रकौरिघातिनीम्।
शुभां पुष्पमालिनी सुकर्णकल्पशाखिनीम्॥

तमोन्धकारयामिनी शिवस्वभाव कामिनीम्।
सहस्त्र्सूर्यराजिका धनज्ज्योगकारिकाम्॥

सुशुध्द काल कन्दला सुभडवृन्दमजुल्लाम्।
प्रजायिनी प्रजावति नमामि मातरं सतीम्॥

स्वकर्मकारिणी गति हरिप्रयाच पार्वतीम्।
अनन्तशक्ति कान्तिदां यशोअर्थभुक्तिमुक्तिदाम्॥

पुनःपुनर्जगद्वितां नमाम्यहं सुरार्चिताम्।
जयेश्वरि त्रिलोचने प्रसीद देवीपाहिमाम्॥

माँ स्कंदमाता कवच पाठ

ऐं बीजालिंका देवी पदयुग्मघरापरा।
हृदयं पातु सा देवी कार्तिकेययुता॥

श्री हीं हुं देवी पर्वस्या पातु सर्वदा।
सर्वांग में सदा पातु स्कन्धमाता पुत्रप्रदा॥

वाणंवपणमृते हुं फ्ट बीज समन्विता।
उत्तरस्या तथाग्नेव वारुणे नैॠतेअवतु॥

इन्द्राणां भैरवी चैवासितांगी च संहारिणी।
सर्वदा पातु मां देवी चान्यान्यासु हि दिक्षु वै॥

माँ स्कंदमाता बीज मंत्र और जाप विधि

ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:

माँ स्कंदमाता के बीज मंत्र का एक माला अर्थात 108 बार जाप करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ के बीज मंत्र का जाप करने से रुके हुए कार्य पूर्ण होने लगते हैं और संतान से संबंधित समस्याओं के निवारण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

नवरात्रि के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता को क्या भोग लगाएं?

नवरात्रि के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता को केले का भोग लगाना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद इस प्रसाद को ब्राह्मण को दान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से बुद्धि का विकास होता है और माँ स्कंदमाता की कृपा प्राप्त होती है।

Total Mala Count (माला गिनती) : 0
🗨️
Chatbot
Hello! How can I help you today?
📘 Must Read
Articles for you
Ganesh Chaturthi Chandra Dosh and its remedies
👁️ 9,909

Ganesh Chaturthi Chandra Dosh and its remedies

·

क्यों नही देखते गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा, यदि भूल से गणेश चतुर्थी के दिन चन्द्रमा के दर्शन हो जाएं तो मिथ्या दोष से बचाव के लिए निम्नलिखित मंत्र का जाप करना चाहिए तथा दी गई कथा का श्रवण करना...

भैरव चालीसा के लाभ | बटुक भैरव और काल भैरव की उत्पत्ति
👁️ 8,657

bhairav chalisa ke fayede

·

bhairav chalisa benefits in hindi,बटुक भैरव चालीसा के लाभ, काल भैरव चालीसा के लाभ, भैरव चालीसा के लाभ, बटुक भैरव और काल भैरव की उत्पत्ति

Choosing August 5 Shri Ram Janmabhoomi Muhurta how much right
👁️ 7,017

Choosing August 5 Shri Ram Janmabhoomi Muhurta how much right

·

5 अगस्त श्री राम जन्मभूमि मुहूर्त का चयन करना कितना सही है|Choosing August 5 Shri Ram Janmabhoomi Muhurta how much right

Benefits of doing Ganesh Chalisa | गणेश चालीसा के फायदे
👁️ 5,566

Benefits of doing Ganesh Chalisa

·

श्री गणेश चालीसा के लाभ/ फायदे: श्री गणेश, हिन्दू धर्म में प्रथम पूजनीय कहे गए है विघ्नहर्ता की पूजा हर कार्य के आरंभ में किये जाने की परंपरा है ।जिससे सभी कार्य सफल एवँ सुखपूर्वक हो।

श्री राम चालीसा के लाभ - jai shree ram | Shri Ram chalisa Benefits in hindi
👁️ 5,251

shri ram chalisa ke labh

·

shri ram chalisa path ke fayede,राम चालीसा का पाठ नित्य प्रतिदिन करना बहुत लाभ दायक होता जानिए श्री राम चालीसा पढ़ने से कैसे बढ़ता है मान सम्मान..

Navratri Ghat Sthapna Muhurat 2026: नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, तिथि और पूजा विधि
👁️ 0

navratri ghat sthapna muhurat

·
navratri + puja vidhi +

Navratri Ghat Sthapna Muhurat 2026 जानें—11 अक्टूबर को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, कलश स्थापना समय, Abhijit Muhurat, पूजा विधि, सामग्री और जरूरी नियम सहित पूरी जानकारी।

क्या पितृ दोष से आ रही है आपकी सफलता में रुकावट? जानें लक्षण और उपाय
👁️ 0

Kya Pitra Dosh Se Aa Rahi Hai Aapki Safalta Mein Rukawat Jaane Lakshan Aur Upay

·
pitra dosh + pitra paksha + shraddha paksha +

क्या पितृ दोष के कारण नौकरी, धन और करियर में रुकावट आ रही है? जानें पितृ दोष के ज्योतिषीय संकेत, कुंडली में पहचान और पितृ पक्ष में किए जाने वाले पारंपरिक उपाय।

Samudra Manthan story - जानिए साले शब्द का आद्यात्म से सम्बन्ध
👁️ 9,281

samudra manthan story in hindi

·

साले शब्द का प्रयोग करने से आपके घर में होगी धन वर्षा समुद्र मंथन के दौरान पांचजन्य साला शंख प्रकट हुआ इस शंख को विजय का प्रतीक माना गया है

Mahamrityunjaya Mantra in hindi | शिव पुराण(Shiv Puran)में वर्णित महामृत्युंजय मंत्र के लाभ
👁️ 8,625

Benefits of mahamrityunjay mantra

·

महामृत्युंजय मंत्र के लाभ,Read Maha Mrityunjaya Mantra meaning, महामृत्युंजय मंत्र की रचना

how to worship maa chandraghanta on navratri day 3 puja vidhi and beej mantra
👁️ 5,252

how to worship maa chandraghanta on navratri day 3 puja vidhi and beej mantra

·
navratri + puja vidhi +

माँ चंद्रघंटा पूजन,बीज मंत्र,पाठ,कवच एवं भोग: माँ दुर्गा की तृतीय शक्ति का नाम चंद्रघंटा है नवरात्रि विग्रह के तीसरे दिन इन का पूजन किया जाता..

Karva Chauth 2022 Puja Time | Karva Chauth Vrat Puja Samagri
👁️ 7,019

karwa chauth pujan and thali

·

जानिए करवा चौथ(karwa chauth) व्रत पूजा विधि, पूजा थाली सामग्री एवं चाँद निकलने का समय

how to worship maa shailputri on navratri day 1 puja vidhi and beej mantra
👁️ 9,189

how to worship maa shailputri on navratri day 1 puja vidhi and beej mantra

·
navratri + puja vidhi +

माँ शैलपुत्री पूजन विधि, बीज मंत्र ,पाठ,कवच एवं भोग: पहले दिन माँ दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा होती है। पर्वतराज हिमालय के यहाँ पुत्री रूप में

navagrah poojan vidhi
👁️ 8,327

navagrah poojan vidhi

·

नवग्रह पूजन विधि,नवग्रह को आप निम्न पौधे लगाकर भी अनुकूल कर सकते है, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सौरमंडल में 9 ग्रह स्थित होते है

Dussehra 2026: दशहरा कब है? विजयादशमी पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व
👁️ 8,678

vijayadashami pujan vidhi

·
puja vidhi + Dussehra +

दशहरा 2026 कब है? जानिए विजयादशमी की तारीख, शुभ मुहूर्त, दशहरा पूजा विधि, शमी पूजा, अपराजिता पूजन और रावण दहन का महत्व। जानें दशहरा क्यों मनाया जाता है और विजयादशमी से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं।

Gupt Navratri 2025: जानें गुप्त नवरात्रि 2025 तिथि, पूजा विधि और महत्व
👁️ 7,927

Gupt Navratri 2025

·
navratri + puja vidhi +

गुप्त नवरात्रि 2025 का आरंभ 30 जनवरी से होगा और समापन 7 फरवरी को होगा। जानिए गुप्त नवरात्रि तिथि, घट स्थापना शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और 10 महाविद्याओं की साधना का महत्व। इस पावन अवसर पर तांत्रिक पूजा और गुप्त अनुष्ठानों की विशेष मान्यता होती है। अधिक जानें!

importance and use of copper vessel
👁️ 8,638

importance and use of copper vessel

·

वाराह पुराण के अनुसार ताम्र का महत्व,आखिर पूजा में ताम्र पात्र ही क्यो ज्यादा उपयोग करते है,आध्यात्म एवँ विज्ञान में ताम्र पात्र का महत्व

🌟 Join JaiBhole Community on WhatsApp

Get daily राशिफल, ज्योतिष टिप्स, मानसिक शांति मंत्र, और आध्यात्मिक अपडेट्स — सीधे आपके मोबाइल पर!

🟢 Join Now 📲 Stay connected with 1000+ spiritual seekers

🔎 Explore More

Want to read more powerful mantras and remedies?

📚 Visit Reading Section