advantages and meaning of siddha kunjika stotram
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🕉️ आज का दिन विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। आषाढ़ शुक्ल द्वादशी तिथि के साथ हम देवशयनी एकादशी की पूर्व संध्या पर हैं। यह दिन आत्मनिरीक्षण, संयम और संकल्प के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
| दिनांक | 07 जुलाई 2025, सोमवार |
| तिथि | आषाढ़ शुक्ल द्वादशी (रात्रि 11:11 तक), तत्पश्चात त्रयोदशी |
| नक्षत्र | अनुराधा (01:12 AM तक), तत्पश्चात ज्येष्ठा |
| योग | शुभ (रात्रि 10:03 तक), तत्पश्चात शुक्ल |
| राहुकाल | सुबह 7:43 से 9:23 तक |
| सूर्योदय | प्रातः 06:03 बजे |
| सूर्यास्त | सायं 07:23 बजे |
| दिशाशूल | पूर्व दिशा में |
| व्रत नियम | द्वादशी को पोई एवं त्रयोदशी को बैंगन वर्जित |
चंद्रमा वृश्चिक राशि में है। अनुराधा नक्षत्र से ज्येष्ठा में प्रवेश रात्रि 01:12 के बाद होगा। शुभ योग रात्रि 10:03 तक रहेगा। शुक्ल योग के प्रभाव से रचनात्मकता में वृद्धि हो सकती है।
आपके लिए आज नेतृत्व दिखाने और साहसिक फैसले लेने का दिन है। सूर्य चालीसा पढ़ना लाभकारी होगा।
आज धैर्य और व्यावहारिकता बनाए रखें। श्री राम चालीसा से मानसिक दृढ़ता मिलेगी।
वाणी में संयम रखें। सरस्वती चालीसा पढ़ना शुभ रहेगा।
पारिवारिक प्रेम प्रबल रहेगा। संबंधों में विश्वास बना रहेगा।
मन में द्वंद्व रहेगा, आत्म-विश्लेषण से समाधान मिलेगा।
भविष्य की योजना बनाने का अच्छा समय है। भैरव चालीसा का पाठ करें।
सभी रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखें।
निर्णयों में स्पष्टता और आत्मबल की आवश्यकता है।
यात्रा और नए विचारों का दिन है।
कार्य में सराहना और सफलता मिलेगी।
नई योजनाएं बन सकती हैं, ध्यान केंद्रित रखें।
कला और आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लें।
पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें। पोई और बैंगन से परहेज करें। सूर्योदय से पूर्व मंत्र जाप करना उत्तम रहेगा।
आज द्वादशी है, एकादशी की पूर्व संध्या है।
हां, शास्त्रों के अनुसार यह वर्जित है।
मेष: सूर्य, वृषभ: राम, मिथुन: सरस्वती, कन्या: भैरव
ब्रह्म मुहूर्त: 4:08 – 4:49, विजय मुहूर्त: 2:45 – 3:40
नहीं, राहुकाल में पूजा टालनी चाहिए।
आज का दिन आध्यात्मिक, ज्योतिषीय और सामाजिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। संयम, पूजा और साधना से आज विशेष लाभ मिल सकता है।
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