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कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है” भजन के हिंदी लिरिक्स पढ़ें। श्याम बाबा का भावपूर्ण दरबार भजन यहाँ उपलब्ध है – सुनें और जुड़ें भक्ति से।
कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आणो है ,
थाने कोल तो निभाणो है ।
दरबार साँवरियाँ ऐसो सज्यो प्यारो , दयालु आप हो ।
सेवा में साँवरिया सगला खड्या थारे , हुकुम बस आपको ।।
सेवा में धारी - सेवा में धारी, म्हाने आज बिछ जाणो है ।
थाने कोल तो निभाणो है ।।
कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आणो है ,
थाने कोल तो निभाणो है ।
कीर्तन की बारी कीर्तन करां जमकर , प्रभु क्यों देर करो ।
वादो थारो बाबा कीर्तन करां जमकर , प्रभु क्यों देर करो ।।
भजनां सू थाने - भजनां सू थाने के म्हाने आज रिझाणो है ।
थाने कोल तो निभाणो है ।।
कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आणो है,
थाने कोल तो निभाणो है ।
जो कुछ बण्यो म्हाझू अर्पण प्रभु सारो , प्रभु स्वीकार करो ।
नादान से गलती होती ही आई है , प्रभु मत ध्यान धरो ।।
नन्दू साँवरिया - नन्दू साँवरिया थारो दास तो पुरानो है ।
थाने कोल तो निभाणो है ।।
यह भजन आमतौर पर श्याम दरबारों, गुरुवार/रविवार कीर्तन और एकादशी आयोजनों में गाया जाता है। इसका हर पंक्ति एक भक्त की विनम्र गुहार है कि बाबा आज ज़रूर पधारें।
यह भजन ना केवल कीर्तन की रात के लिए उपयुक्त है, बल्कि इसमें समर्पण, क्षमा और प्रेम का मिश्रण है जो हर श्याम भक्त को जोड़े रखता है।
Q: “कीर्तन की है रात” भजन किस देवता को समर्पित है?
A: यह भजन खाटू श्याम बाबा को समर्पित है।
Q: इस भजन को कब गाना चाहिए?
A: यह भजन कीर्तन, दरबार, गुरुवार या विशेष आयोजन जैसे श्याम रात्रि जागरण में गाया जाता है।
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