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नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट 2026 में कलश स्थापना, पूजा सामग्री, माता के श्रृंगार, कन्या पूजन और नवरात्रि पूजा विधि की पूरी जानकारी पाएं। जय माता दी!
जय माता दी! 🙏 नवरात्रि माँ दुर्गा की आराधना और शक्ति की उपासना का पावन पर्व है। इन नौ दिनों में भक्त माता के नौ स्वरूपों की श्रद्धापूर्वक पूजा करते हैं। यदि आप Navratri Puja Samagri List 2026 खोज रहे हैं और घर पर विधि-विधान से माता रानी की पूजा करना चाहते हैं, तो पूजा शुरू करने से पहले सभी आवश्यक सामग्री एकत्र कर लेना शुभ और सुविधाजनक रहता है।
पंचांग के अनुसार, इस बार प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात 9:19 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।
इस दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा। इसलिए भक्तों को इसी शुभ अवधि में घटस्थापना और माता की पूजा का संकल्प लेना चाहिए।
माता रानी की पूजा के लिए निम्न सामग्री पहले से तैयार रखें:
नवरात्रि पूजा में चौकी, आसन, लाल वस्त्र, माता की प्रतिमा, फूल, गणेश जी की मूर्ति, पान, सुपारी, मौली, दीपक, पुष्पमाला, लाल चुनरी, दुर्गा सप्तशती, नारियल और श्रृंगार सामग्री का विशेष महत्व है।
घटस्थापना नवरात्रि पूजा का महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। इसके लिए मिट्टी या तांबे का कलश, शुद्ध जल, हल्दी की गांठ, सिक्का, आम के पत्ते, सुपारी, इलायची, नारियल, लाल चुनरी, अक्षत, लाल मौली और लौंग जैसी सामग्री रखें।
कलश के साथ जौ बोने के लिए साफ मिट्टी, मिट्टी का पात्र, जौ या सप्तधान्य और स्वच्छ जल की भी आवश्यकता होती है।
माता को लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, काजल, इत्र, गजरा, नथ, बिछिया, पायल, मंगलसूत्र, कान की बाली और अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित की जा सकती है।
अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन की परंपरा है। इसके लिए पूड़ी, हलवा या खीर, चने की सब्जी, लाल चुनरी, उपहार, दक्षिणा, तिलक सामग्री और कन्याओं के पाँव पखारने के लिए जल एवं थाली तैयार रखें।
नवरात्रि के दौरान माता की पूजा के साथ माँ दुर्गा चालीसा का पाठ करना भक्तिपूर्ण साधना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। पूजा के बाद दुर्गा जी की आरती करके माता रानी से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।
जो भक्त देवी उपासना में विशेष मंत्र साधना करना चाहते हैं, वे सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ भी अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार कर सकते हैं।
नवरात्रि में सामग्री जितनी महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक भक्ति, श्रद्धा और शुद्ध मन का महत्व है। सुबह स्नान करके पूजा स्थान को स्वच्छ करें, माता रानी का ध्यान करें, दीपक जलाएं, पुष्प और अक्षत अर्पित करें तथा दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या देवी मंत्रों का पाठ करें।
माँ जगदंबा से अपने परिवार की सुख-शांति, आरोग्य और समृद्धि की प्रार्थना करें। नौ दिनों तक माता के चरणों में श्रद्धा से शीश झुकाएं और उनकी कृपा प्राप्त करने का संकल्प लें।
माँ दुर्गा आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएं। जय माता दी! 🙏🚩
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